-
बिहार
बीता साल कटघरे में, नया साल इम्तिहान में
एक और साल बीत गया. कैलेंडर बदलेगा, तारीख़ें नई होंगी, लेकिन सवाल यह है—क्या सोच भी बदलेगी? बीता हुआ साल…
Read More » -
बिहार
राष्ट्रीय किसान दिवस: अन्नदाता का सम्मान या केवल औपचारिकता?
23 दिसंबर—राष्ट्रीय किसान दिवस। यह दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के हितों की आवाज़ रहे चौधरी चरण सिंह…
Read More » -
बिहार
डॉक्टर तो हैं, दवा गायब है!
बिहार की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में एक अजीब और चिंताजनक सच्चाई सामने खड़ी है. राज्य का शायद ही कोई ऐसा…
Read More » -
बिहार
मनरेगा से ” वीबी जी राम जी”125 दिन का वादा या ग्रामीण मजदूरों के लिए नया भ्रम
ग्रामीण भारत के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) केवल एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीब परिवारों…
Read More » -
बिहार
संविधान, संवेदनशीलता और सत्ता की मर्यादा
बिहार की राजनीति इन दिनों एक ऐसे प्रकरण को लेकर गरमाई हुई है, जिसने सत्ता, संवैधानिक मर्यादा और सामाजिक संवेदनशीलता—तीनों…
Read More »