अलविदा जुमा पर उमड़ी अकीदत, अमन-चैन की मांगी दुआ

दरभंगा: जिला के तारडीह प्रखंड अंतर्गत विभिन्न गांवों में रमजान महीने का अंतिम जुमा ‘अलविदा’ बड़े ही अकीदत और शांति-सौहार्द के माहौल में अदा किया गया. सुबह से ही मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी, जहां लोगों ने एक साथ खड़े होकर नमाज अदा की और मुल्क में अमन, भाईचारा तथा खुशहाली की दुआ मांगी.नमाज के दौरान मस्जिदों में इमामों ने रमजान की फजीलत और ईद-उल-फितर के महत्व पर विस्तार से रोशनी डाली। जामा मस्जिद ककोढ़ा में इमाम मौलाना मो निजामुद्दीन बदर कासमी ने बताया कि रमजान आत्मसंयम, सब्र और इबादत का महीना है, जिसमें रोजा इंसान को तकवा की राह पर चलना सिखाता है. पूरे तीस दिन रोजा रखने के बाद ईद-उल-फितर अल्लाह की तरफ से एक इनाम के रूप में आती है, जो खुशी और शुक्रगुजारी का प्रतीक है. श्री कासमी ने कुरआन और हदीस के हवाले से कहा कि इस्लाम आपसी मोहब्बत, भाईचारे और माफी का पैगाम देता है. अलविदा जुमा के मौके पर उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने दिलों से गिले-शिकवे दूर करें, एक-दूसरे की गलतियों को माफ करें और समाज में प्रेम व एकता को मजबूत करें.



